Friday, May 15, 2009

hIMMAT kARNE waLON ki haar nAHI hoti

से डर कर नौका पार नहीं होती हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती ....नन्ही चींटी जब दाना लेकर चलती है चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है मन का विश्वास रगों में साहस भरता है चढ़ कर गिरना , गिर कर चढ़ना ना अखरता है आखिर उसकी म्हणत बेकार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती ....डुबकियां सिन्धु में गोताखोर लागतं है जा जा कर खाली हाथ लौट आता है मिलते न सहज ही मोती पानी में बढ़ता दूना उत्साह इसी हैरानी में मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती ....असफलता एक चुनौती है स्वीकार करो क्या कमी रह गयी देखो और सुधार करो जब तक न सफल हो नींद चैन को त्यागो तुम संघर्षों का मैदान छोड़ मत भागो तुम कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती ....
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Saturday, May 9, 2009

पथ की पहचान

पूर्व चलने के बटोही बाट की पहचान कर ले।

पुस्तकों में है नहीं
छापी गई इसकी कहानी
हाल इसका ज्ञात होता
है न औरों की जबानी

अनगिनत राही गए
इस राह से उनका पता क्या
पर गए कुछ लोग इस पर
छोड़ पैरों की निशानी

यह निशानी मूक होकर
भी बहुत कुछ बोलती है
खोल इसका अर्थ पंथी
पंथ का अनुमान कर ले।

पूर्व चलने के बटोही बाट की पहचान कर ले।

यह बुरा है या कि अच्छा
व्यर्थ दिन इस पर बिताना
अब असंभव छोड़ यह पथ
दूसरे पर पग बढ़ाना

तू इसे अच्छा समझ
यात्रा सरल इससे बनेगी
सोच मत केवल तुझे ही
यह पड़ा मन में बिठाना

हर सफल पंथी यही
विश्वास ले इस पर बढ़ा है
तू इसी पर आज अपने
चित्त का अवधान कर ले।

पूर्व चलने के बटोही बाट की पहचान कर ले।

है अनिश्चित किस जगह पर
सरित गिरि गह्वर मिलेंगे
है अनिश्चित किस जगह पर
बाग वन सुंदर मिलेंगे

किस जगह यात्रा खतम हो
जाएगी यह भी अनिश्चित
है अनिश्चित कब सुमन कब
कंटकों के शर मिलेंगे

कौन सहसा छू जाएँगे
मिलेंगे कौन सहसा
आ पड़े कुछ भी रुकेगा
तू न ऐसी आन कर ले।

पूर्व चलने के बटोही बाट की पहचान कर ले।

by harivansh rai bachchan...